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40 सेकण्ड में एक व्यक्ति करता है आत्महत्या
श्री वैष्णव विद्यापीठ विवि में वल्र्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे का अयोजन
इंदौर. श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यलाय में मनोविज्ञान विभाग द्वारा वल्र्ड सुसाइड प्रिवेंशन डे कार्यक्रम का आयोजन किया. कार्यक्रम में अतिथि डॉ. रामगुलाम राजदान एवं डॉ. श्रीकांत रेड्डी उपस्थित रहे.
स्वागत भाष्ण में श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. उपिन्दर धर ने आत्महत्या और आत्महत्या के लक्षण के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि उम्र और आर्थिक स्थिति के अनुसार मध्यम वर्ग जिसमें 15 से 29 वर्ष के लोगों की संख्या सबसे अधिक है. वहीं 40 सेकण्ड में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार प्रति वर्ष 8 लाख लोगों द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाते हैं.
इसमें से अधिकतर 50 प्रतिशत युवा है. डॉ. रामगुलाम राजदान ने बताया कि आत्महत्या करने के क्या कारण है और आत्महत्या करते समय किस मानसिक स्थिति का शिकार होकर आत्महत्या की जाती है. उन्होंने यह भी बताया कि यदि आत्महत्या करनेवाले व्यक्ति से एक मिनट पहले बातकर उसे मार्गदर्शन दिया जाए तो उसे बचाया जा सकता है.
निराश व्यक्तिों को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता
कार्यक्रम के दूसरे अतिथि श्री अरबिन्दो इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्स के मनोचिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीकान्त रेड्डी ने बताया कि हमें किस प्रकार किसी निराश व्यक्ति से सकारात्मक बातकर उसे जीवन की और ले जाने की कोशिश करनी चाहिए.
ऐसे निराश व्यक्तियों को गंभीरता से सुनने की आवश्यकता है जिससे उन्हें सहायता मिले. यह व्यक्तिगत रूप से जीवन बचाने का उपाय है. सभी को प्रेम और देखभाल करने वालों की आवश्यकता होती है. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा डांस और स्क्टि की प्रस्तुति दी गई. आभार प्रदर्शन डॉ. रेखा आर्य ने किया.


